योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

उसे विकसित किया है। विवेकानन्द कोई साधारण विचारक नहीं थे, वह अपने समय का चलता-फिरता ज्ञान-कोश थे। उन्होंने न सिर्फ अपने देश का बल्कि दुनिया-भर का इतिहास और दर्शन खंगाल डाला था। उन्हें पढ़ते समय लगता है कि उन्हें समझे बिना हमारे देश में सही माक्र्सवादी बनना संभव नहीं है।

अतएव मेरा यह विश्वास है कि विवेकानन्द पर मेरी यह पुस्तक हमारे देश के वामपंथी चिंतन में ऐतिहासिक मोड़ की महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा।

हंसराज रहबर

एस.16, शाहदरा


27 of 1197

उसे विकसित किया है। विवेकानन्द कोई साधारण विचारक नहीं थे, वह अपने समय का चलता-फिरता ज्ञान-कोश थे। उन्होंने न सिर्फ अपने देश का बल्कि दुनिया-भर का इतिहास और दर्शन खंगाल डाला था। उन्हें पढ़ते समय लगता है कि उन्हें समझे बिना हमारे देश में सही माक्र्सवादी बनना संभव नहीं है।

अतएव मेरा यह विश्वास है कि विवेकानन्द पर मेरी यह पुस्तक हमारे देश के वामपंथी चिंतन में ऐतिहासिक मोड़ की महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा।

हंसराज रहबर

एस.16, शाहदरा


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