दिल्ली
पुरखे और बचपन
‘‘छोटी अवस्था ही से मैं बड़ा साहसी था। यदि ऐसा न होता तो खाली हाथ सारी दुनिया घूम आना क्या मेरे लिए कभी संभव होता!’’
विवेकानन्द
12 जनवरी, 1863, प्रभात का समय। स्त्री-पुरूषों के दल के दल मकर सम्तमी के स्नान के लिए गंगा की ओर जा रहे थे। इसी समय कलकत्ता के गण्यमान्य दत्त परिवार में एक बालक का जन्म हुआ, जिसका नाम नरेन्द्रनाथ रखा गया। आगे चलकर यही नरेन्द्रनाथ विवेकानन्द के नाम से प्रसिद्व हुआ।
दिल्ली
पुरखे और बचपन
‘‘छोटी अवस्था ही से मैं बड़ा साहसी था। यदि ऐसा न होता तो खाली हाथ सारी दुनिया घूम आना क्या मेरे लिए कभी संभव होता!’’
विवेकानन्द
12 जनवरी, 1863, प्रभात का समय। स्त्री-पुरूषों के दल के दल मकर सम्तमी के स्नान के लिए गंगा की ओर जा रहे थे। इसी समय कलकत्ता के गण्यमान्य दत्त परिवार में एक बालक का जन्म हुआ, जिसका नाम नरेन्द्रनाथ रखा गया। आगे चलकर यही नरेन्द्रनाथ विवेकानन्द के नाम से प्रसिद्व हुआ।