प्राप्त कर लें। उनकी राय है कि जो काम किया जाए पूरी तरह किया जाए। मेरा विश्वास है कि पाणिनि व्याकरण पर पूर्ण अधिकार प्राप्त किए बिना वेदों की भाषा में पारंगत होना असम्भव है और एकमात्र पाणिनि व्याकरण ही इस कार्य के लिए सर्वश्रेष्ठ है। इसीलिए, इसकी एक प्रति की आवश्यकता हुई। मुग्धबोध व्याकरण जो हम लोगों ने बाल्यकाल में पढ़ा था, लघुकौमुदी से कई अंशों में अच्छा है। आप स्वयं एक बड़े विद्वान है; अतएव हमारे लिए इस विषय में निर्णय
प्राप्त कर लें। उनकी राय है कि जो काम किया जाए पूरी तरह किया जाए। मेरा विश्वास है कि पाणिनि व्याकरण पर पूर्ण अधिकार प्राप्त किए बिना वेदों की भाषा में पारंगत होना असम्भव है और एकमात्र पाणिनि व्याकरण ही इस कार्य के लिए सर्वश्रेष्ठ है। इसीलिए, इसकी एक प्रति की आवश्यकता हुई। मुग्धबोध व्याकरण जो हम लोगों ने बाल्यकाल में पढ़ा था, लघुकौमुदी से कई अंशों में अच्छा है। आप स्वयं एक बड़े विद्वान है; अतएव हमारे लिए इस विषय में निर्णय