जिस परमात्मा ने वेदों का निर्माण किया उसी ने फिर बुद्वावतार धारण कर उनका खंडन किया। इन धर्मोपदेशों में किसका अनुगमन किया जाए? पहले को या बाद वाले को?
11. तंत्र कहते हैं कि कलियुग में वेद-मंत्र व्यर्थ हैं। अब भगवान शिव के भी किस आदेश का पालन किया जाए?
12. ‘‘व्यास का वेदान्त सूत्र में यह स्पष्ट कथन है कि वासुदेव संकर्षादि चतुव्र्यूह उपासना ठीक नहीं। फिर वहीं व्यास भागवत् में इसी उपासना के गुणानुवाद गाते हैं। तो क्या व्यास पागल थे?’’
जिस परमात्मा ने वेदों का निर्माण किया उसी ने फिर बुद्वावतार धारण कर उनका खंडन किया। इन धर्मोपदेशों में किसका अनुगमन किया जाए? पहले को या बाद वाले को?
11. तंत्र कहते हैं कि कलियुग में वेद-मंत्र व्यर्थ हैं। अब भगवान शिव के भी किस आदेश का पालन किया जाए?
12. ‘‘व्यास का वेदान्त सूत्र में यह स्पष्ट कथन है कि वासुदेव संकर्षादि चतुव्र्यूह उपासना ठीक नहीं। फिर वहीं व्यास भागवत् में इसी उपासना के गुणानुवाद गाते हैं। तो क्या व्यास पागल थे?’’