और 13 दिसम्बर का पत्र देखिए:
‘‘आपको लिखी हुई पुस्तिका मिली। जब से यूरोप में ‘ऊर्जा-संधारण’ के (ब्वदेमतअंजपवद व िम्दमतहल) के सिद्वान्त का आविष्कार हुआ है, तब से वहां एक प्रकार से वैज्ञानिक अद्वैतवाद फेल रहा है। किन्तु वह सब परिणामवाद है। यह अच्छा हुआ कि आपने उसमें और शंकराचार्य के विवर्तवाद में भेद स्पष्ट कर दिया
62 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द
है। जर्मन अतींद्रियवादियों (ज्तंदेबमदकमदजंसपेजे) के संबंध में स्पेंसर की विडम्बना का जो उद्वरण आपने दिया है,
और 13 दिसम्बर का पत्र देखिए:
‘‘आपको लिखी हुई पुस्तिका मिली। जब से यूरोप में ‘ऊर्जा-संधारण’ के (ब्वदेमतअंजपवद व िम्दमतहल) के सिद्वान्त का आविष्कार हुआ है, तब से वहां एक प्रकार से वैज्ञानिक अद्वैतवाद फेल रहा है। किन्तु वह सब परिणामवाद है। यह अच्छा हुआ कि आपने उसमें और शंकराचार्य के विवर्तवाद में भेद स्पष्ट कर दिया
62 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द
है। जर्मन अतींद्रियवादियों (ज्तंदेबमदकमदजंसपेजे) के संबंध में स्पेंसर की विडम्बना का जो उद्वरण आपने दिया है,