से बाबाजी का दर्शन हुआ। वास्तव में वे महापुरूष हैं। बड़े आश्चर्य की बात है कि इस नास्तिकता के युग में भी भक्ति एवं योग की अद्भुत क्षमता के वे अलौकिक प्रतीक हैं। मैं उनकी शरण में गया और उन्होंने मुझे आश्वासन दिया, जो हर एक के भाग्य में नहीं। बाबा जी की इच्छा है कि मैं कुछ दिन ठहरूं, वे मेरा कल्याण करेंगे। अतएव इन महापुरूष की आज्ञानुसार मैं कुछ दिन और यहां ठहरूंगा। निस्संदेह इससे आप भी आनन्दित होंगे। घटना बड़ी विचित्र है।
से बाबाजी का दर्शन हुआ। वास्तव में वे महापुरूष हैं। बड़े आश्चर्य की बात है कि इस नास्तिकता के युग में भी भक्ति एवं योग की अद्भुत क्षमता के वे अलौकिक प्रतीक हैं। मैं उनकी शरण में गया और उन्होंने मुझे आश्वासन दिया, जो हर एक के भाग्य में नहीं। बाबा जी की इच्छा है कि मैं कुछ दिन ठहरूं, वे मेरा कल्याण करेंगे। अतएव इन महापुरूष की आज्ञानुसार मैं कुछ दिन और यहां ठहरूंगा। निस्संदेह इससे आप भी आनन्दित होंगे। घटना बड़ी विचित्र है।