भारत देश की विविध धाराओं के इस मिले-जुले सरोवर कोे उलीचकर परिष्कार कर डालें, जो रखने योग्य हो उसे रखें।’’
‘‘इतना ही नहीं वे कुछ और भी चाहते थे। वे जहां जाते,, ‘दि इमिटेशन आफ क्राइस्ट’ अपने साथ रखते, भगवद्गीता के साथ-साथ ईसा के विचार भी प्रसारित
68 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द
करते, और युवकों से वे आग्रह करते कि पश्चिम के विज्ञान का अध्ययन करें।’’ (विवेकानन्द, पृष्ठ 61)
यात्रा की कठिनाइयों का उल्लेख विवेकानन्द ने अमेरिका में दिए गए एक भाषण,
भारत देश की विविध धाराओं के इस मिले-जुले सरोवर कोे उलीचकर परिष्कार कर डालें, जो रखने योग्य हो उसे रखें।’’
‘‘इतना ही नहीं वे कुछ और भी चाहते थे। वे जहां जाते,, ‘दि इमिटेशन आफ क्राइस्ट’ अपने साथ रखते, भगवद्गीता के साथ-साथ ईसा के विचार भी प्रसारित
68 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द
करते, और युवकों से वे आग्रह करते कि पश्चिम के विज्ञान का अध्ययन करें।’’ (विवेकानन्द, पृष्ठ 61)
यात्रा की कठिनाइयों का उल्लेख विवेकानन्द ने अमेरिका में दिए गए एक भाषण,