में सबसे बड़े वैज्ञानिकों से भारतवर्ष को विभूषित किया है। इन निन्दकों को थोड़ा अपने देश के इतिहास का तो ज्ञान प्राप्त करना था; ब्राह्मण, क्षत्रिय तथा वैश्य इन तीनांे वर्णों के संबंध में ज़रा अध्ययन तो करना था, ज़रा यह तो जानना था कि तीनों ही वर्णों को संन्यासी होने और वेद के अध्ययन का समान अधिकार है, ये बातें मैंने यों ही प्रसंगवश कह दी। वे जो मुझे शुद्र कहते हैं, इसकी मुझे तनिक भी पीड़ा नहीं । मेरे पूर्वजों ने गरीबों पर जो अत्याचार किया था,
में सबसे बड़े वैज्ञानिकों से भारतवर्ष को विभूषित किया है। इन निन्दकों को थोड़ा अपने देश के इतिहास का तो ज्ञान प्राप्त करना था; ब्राह्मण, क्षत्रिय तथा वैश्य इन तीनांे वर्णों के संबंध में ज़रा अध्ययन तो करना था, ज़रा यह तो जानना था कि तीनों ही वर्णों को संन्यासी होने और वेद के अध्ययन का समान अधिकार है, ये बातें मैंने यों ही प्रसंगवश कह दी। वे जो मुझे शुद्र कहते हैं, इसकी मुझे तनिक भी पीड़ा नहीं । मेरे पूर्वजों ने गरीबों पर जो अत्याचार किया था,