योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

जहाज़ वहां लंगर डालता है कि सैकड़ों चीनी डोगियां कुछ विचित्र-सी लगती हैं। माझी डोंगी ही पर सकुटम्ब रहता है। पतवारों का संचालन प्रायः पत्नी ही करती है। एक पतवार दोनों हाथों से चलाती है और दूसरे को एक पैर से। और उनमें से नब्बे फीसदी औरतों की पीठ पर उनके बच्चे इस प्रकार बंधे रहते हैं कि वे आसानी से हाथ-पैर डुला सकें। मज़े कि बात तो यह है कि ये नन्हें-नन्हें चीनी बच्चे अपनी माताओं की पीठ पर आराम से झूलते रहते हैं और उनकी माताएं कभी अपनी सारी शक्ति लगाकर पतवार घुमाती है,


345 of 1197

जहाज़ वहां लंगर डालता है कि सैकड़ों चीनी डोगियां कुछ विचित्र-सी लगती हैं। माझी डोंगी ही पर सकुटम्ब रहता है। पतवारों का संचालन प्रायः पत्नी ही करती है। एक पतवार दोनों हाथों से चलाती है और दूसरे को एक पैर से। और उनमें से नब्बे फीसदी औरतों की पीठ पर उनके बच्चे इस प्रकार बंधे रहते हैं कि वे आसानी से हाथ-पैर डुला सकें। मज़े कि बात तो यह है कि ये नन्हें-नन्हें चीनी बच्चे अपनी माताओं की पीठ पर आराम से झूलते रहते हैं और उनकी माताएं कभी अपनी सारी शक्ति लगाकर पतवार घुमाती है,


345 of 1197