वहां ज्ञान-चर्चा और शास्त्र-चर्चा भी इस परिवार की विशेषता थी। समय के साथ-साथ चलते हुए अर्थ और मोक्ष, भोग और त्याग तथा आधुनिकता और प्राचीनता दत्त परिवार के स्वभाव तथा चरित्र में घुल-मिल गई थी। राममोहन के इकलौते बेटे दुर्गाचरण ने समय की प्रथा के अनुसार जहां संस्कृत और फारसी पढ़ी थी, वहां कामचलाऊ अंग्रेजी भी सीखी थी और वे छोटी ही उम्र में वकालत के धंधे में पड़ गए थे। पर उनका स्वभाव पिता से भिन्न था, धन कमाने में उनकी अधिक
वहां ज्ञान-चर्चा और शास्त्र-चर्चा भी इस परिवार की विशेषता थी। समय के साथ-साथ चलते हुए अर्थ और मोक्ष, भोग और त्याग तथा आधुनिकता और प्राचीनता दत्त परिवार के स्वभाव तथा चरित्र में घुल-मिल गई थी। राममोहन के इकलौते बेटे दुर्गाचरण ने समय की प्रथा के अनुसार जहां संस्कृत और फारसी पढ़ी थी, वहां कामचलाऊ अंग्रेजी भी सीखी थी और वे छोटी ही उम्र में वकालत के धंधे में पड़ गए थे। पर उनका स्वभाव पिता से भिन्न था, धन कमाने में उनकी अधिक