योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand



वे लौटकर हांगकांग आए और फिर जापान के पहले बंदरगाह नागासाकी पहुंचे। नागाासाकी से जहाज़ द्वारा कोबे और कौबे से जापान का मध्य भाग देखने स्थल-मार्ग से कोहामा गए। लिखा है, ‘‘इस मध्य भाग में मैंने तीन शहर देखे-महान औद्योगिक तगर ओसाका, भूतपूर्व राजधानी क्योटो और वर्तमान राजधानी टोकियो।

टोकियो कलकत्ता से प्रायः दुगुना बड़ा होगा और आबादी भी लगभग दूनी होगी।’’ जापान उस समय जर्मनी ही की तरह उत्साह और शक्ति से भरपूर जवान पूंजीवादी


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वे लौटकर हांगकांग आए और फिर जापान के पहले बंदरगाह नागासाकी पहुंचे। नागाासाकी से जहाज़ द्वारा कोबे और कौबे से जापान का मध्य भाग देखने स्थल-मार्ग से कोहामा गए। लिखा है, ‘‘इस मध्य भाग में मैंने तीन शहर देखे-महान औद्योगिक तगर ओसाका, भूतपूर्व राजधानी क्योटो और वर्तमान राजधानी टोकियो।

टोकियो कलकत्ता से प्रायः दुगुना बड़ा होगा और आबादी भी लगभग दूनी होगी।’’ जापान उस समय जर्मनी ही की तरह उत्साह और शक्ति से भरपूर जवान पूंजीवादी


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