योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

अपनी नौसेना बढ़ाते जा रहे हैं। मैंने एक जापानी इंजीनियर की बनाई करीब एक मील लम्बी सुरंग देखी है।’’

‘‘दियासलाई के कारखाने तो देखते ही बनते हैं। अपनी आवश्यकताओं की सभी चीजें़ अपने देश में बनाने के लिए वे लोग तुले हुए हैं। चीन और जापान के बीच चलने वाली एक जापानी स्अीमर लाइन है, जो कुछ ही दिनों में बम्बई और याकोहामा के बीच यात्री जहाज़ चलाना चाहती है।’’

और एक चित्र उनके राष्ट्रीय जीवन का भी देखिए:

‘‘जापानी लोग ठिगने, गोरे और विचित्र वेश-भूषा वाले हैं। उनकी चाल-ढाल,


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अपनी नौसेना बढ़ाते जा रहे हैं। मैंने एक जापानी इंजीनियर की बनाई करीब एक मील लम्बी सुरंग देखी है।’’

‘‘दियासलाई के कारखाने तो देखते ही बनते हैं। अपनी आवश्यकताओं की सभी चीजें़ अपने देश में बनाने के लिए वे लोग तुले हुए हैं। चीन और जापान के बीच चलने वाली एक जापानी स्अीमर लाइन है, जो कुछ ही दिनों में बम्बई और याकोहामा के बीच यात्री जहाज़ चलाना चाहती है।’’

और एक चित्र उनके राष्ट्रीय जीवन का भी देखिए:

‘‘जापानी लोग ठिगने, गोरे और विचित्र वेश-भूषा वाले हैं। उनकी चाल-ढाल,


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