छिपा लो...युगों के सामाजिक अत्याचार से अपनी सारी मानवता का गला घोंटने वाले, भला बताओ तो सही, तुम कौन हो? और तुम इस समय कर ही क्या रहे हो? किताबें हाथ में लिये तुम सिर्फ समुद्र के किनारे फिर रहे हो, यूरोपियन के मस्तिष्क से निकली हुई इधर-उधर की बातों को लेकर बेसमझे दोहरा रहे हो? ...
अपनी इस लम्बी यात्रा में देश को वे एक क्षण भी नहीं भूले।
अब वे अमेरिका जाने के लिए जहाज़ पर सवार हुए, जो प्रशान्त महासागर के उत्तरी भाग
छिपा लो...युगों के सामाजिक अत्याचार से अपनी सारी मानवता का गला घोंटने वाले, भला बताओ तो सही, तुम कौन हो? और तुम इस समय कर ही क्या रहे हो? किताबें हाथ में लिये तुम सिर्फ समुद्र के किनारे फिर रहे हो, यूरोपियन के मस्तिष्क से निकली हुई इधर-उधर की बातों को लेकर बेसमझे दोहरा रहे हो? ...
अपनी इस लम्बी यात्रा में देश को वे एक क्षण भी नहीं भूले।
अब वे अमेरिका जाने के लिए जहाज़ पर सवार हुए, जो प्रशान्त महासागर के उत्तरी भाग