उसका एक और उदाहरण यह है कि चार बरस बाद जब वे सेवियर दम्पति के साथ इंग्लैंड से स्विटज़रलैंड गए तो जिनोवा में एक कला-प्रदर्शनी चल रही थी। उन्होंने इसे दिन-भर चाव से देखा। अंत में एक बेलून देखकर वे उसमें उड़ने के लिए मचल उठे। बेलून एक नया आविष्कार था और इसमें आकाश-भ्रमण जोखिम से खाली नहीं था। इसलिए श्रीमति सेवियर ने उसमें उड़ने पर आपत्िा की। लेकिन स्वामी जी कब मानने वाले थे। वे न सिर्फ खुद उड़े, बल्कि सेवियर दम्पति को भी साथ
उसका एक और उदाहरण यह है कि चार बरस बाद जब वे सेवियर दम्पति के साथ इंग्लैंड से स्विटज़रलैंड गए तो जिनोवा में एक कला-प्रदर्शनी चल रही थी। उन्होंने इसे दिन-भर चाव से देखा। अंत में एक बेलून देखकर वे उसमें उड़ने के लिए मचल उठे। बेलून एक नया आविष्कार था और इसमें आकाश-भ्रमण जोखिम से खाली नहीं था। इसलिए श्रीमति सेवियर ने उसमें उड़ने पर आपत्िा की। लेकिन स्वामी जी कब मानने वाले थे। वे न सिर्फ खुद उड़े, बल्कि सेवियर दम्पति को भी साथ