और कइयों ने तो उन्हें हटाने के लिए बल-प्रयोग भी किया।
आखिर थक-हारकर स्वामी जी एक जगह सड़क के किनारे बैठ गए। सामने के विशाल भवन की खिड़की से एक अपूर्व सुन्दर रमणी ने उन्हें देख लिया। वह उनके असाधारण व्यक्तिगत से प्रभावित होकर तुरन्त नीचे आई और उनके पास आकर पूछा, ‘‘महाशय, क्या आप धर्म-महासभा के प्रतिनिधि हैं?’’ स्वामी जी ने अपनी विपत्िा इस रमणी को कह सुनाई और उससे डाक्टर बरोज के आफिस का पता पूछा। यह रमणी उन्हें अपने घर
और कइयों ने तो उन्हें हटाने के लिए बल-प्रयोग भी किया।
आखिर थक-हारकर स्वामी जी एक जगह सड़क के किनारे बैठ गए। सामने के विशाल भवन की खिड़की से एक अपूर्व सुन्दर रमणी ने उन्हें देख लिया। वह उनके असाधारण व्यक्तिगत से प्रभावित होकर तुरन्त नीचे आई और उनके पास आकर पूछा, ‘‘महाशय, क्या आप धर्म-महासभा के प्रतिनिधि हैं?’’ स्वामी जी ने अपनी विपत्िा इस रमणी को कह सुनाई और उससे डाक्टर बरोज के आफिस का पता पूछा। यह रमणी उन्हें अपने घर