योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand



अरे भाई, घर के अन्दर गर्मी रहती है हर एक कमरा और सीढ़ी भाप के नलों से गर्म रखी जाती है। ये लोेग कला-कौशल में अद्वितीय हैं, भोग-विलास में

84 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द

अद्वितीय हैं, धम कमाने में अद्वितीय हैं और खर्च करने में अद्वितीय हैं।’’

यह उद्वरण देने का उद्देश्य अमेरिका की भौतिक उन्नति और समृद्वि दिखाना नहीं, बल्कि विवेकानन्द की बहुमुखी प्रतिभा और लेखन शैली का आभास कराना है। इससे उनकी व्यापक तथा सम्यक् दृष्टि


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अरे भाई, घर के अन्दर गर्मी रहती है हर एक कमरा और सीढ़ी भाप के नलों से गर्म रखी जाती है। ये लोेग कला-कौशल में अद्वितीय हैं, भोग-विलास में

84 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द

अद्वितीय हैं, धम कमाने में अद्वितीय हैं और खर्च करने में अद्वितीय हैं।’’

यह उद्वरण देने का उद्देश्य अमेरिका की भौतिक उन्नति और समृद्वि दिखाना नहीं, बल्कि विवेकानन्द की बहुमुखी प्रतिभा और लेखन शैली का आभास कराना है। इससे उनकी व्यापक तथा सम्यक् दृष्टि


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