इसके बावजुद मज़दूर हिंसा पर उतर आए, बड़े पैमाने पर सम्पत्िा की तोड़-फोड़ हुई और अदालतों में औपचारिक कार्यवाही करके उन्हें अंधाधुंध जेलों में ठूंसा गया। विवेकानन्द ने यह सब अपनी आंखों देखा और देखे निग्रो पर होने वाले अमानवीय अत्याचार तथा रंगभेद के घृणित दृश्य। दासता हटाने के लिए लड़े हुए अमेरिका के गृह-युद्व का उल्लेख करते हुए विवेकानन्द ने अपने मद्रास के भाषण में कहा था।
‘‘आजकल के दास इस युद्व के पूर्व के दासों की अपेक्षा
इसके बावजुद मज़दूर हिंसा पर उतर आए, बड़े पैमाने पर सम्पत्िा की तोड़-फोड़ हुई और अदालतों में औपचारिक कार्यवाही करके उन्हें अंधाधुंध जेलों में ठूंसा गया। विवेकानन्द ने यह सब अपनी आंखों देखा और देखे निग्रो पर होने वाले अमानवीय अत्याचार तथा रंगभेद के घृणित दृश्य। दासता हटाने के लिए लड़े हुए अमेरिका के गृह-युद्व का उल्लेख करते हुए विवेकानन्द ने अपने मद्रास के भाषण में कहा था।
‘‘आजकल के दास इस युद्व के पूर्व के दासों की अपेक्षा