जर्मनी, रूस, फ्रांस, इटली तथा आस्ट्रिया, हंगरी-आठ देशों ने जर्मनी कमान के अधीन संयुक्त मोर्चा बनाया। संघर्ष एक बरस तक चलता रहा। विद्रोही बड़ी वीरता से लड़े, लेकिन अंत मंे चीन की सामंती चिंग सरकार ने साम्राज्यवादियों के आगे हथियार डाल दिए।
89 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द
विवेकानन्द ने अपने उक्त यात्रा वर्णन में इसी विद्रोह का उल्लेख किया है। इससे पता चलता है कि उनकी दृष्टि कितनी व्यापक थी और वे दुनिया की सारी हलचलों पर नज़र रखते थे। यह दृष्टि जितनी व्यापक थी,
जर्मनी, रूस, फ्रांस, इटली तथा आस्ट्रिया, हंगरी-आठ देशों ने जर्मनी कमान के अधीन संयुक्त मोर्चा बनाया। संघर्ष एक बरस तक चलता रहा। विद्रोही बड़ी वीरता से लड़े, लेकिन अंत मंे चीन की सामंती चिंग सरकार ने साम्राज्यवादियों के आगे हथियार डाल दिए।
89 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द
विवेकानन्द ने अपने उक्त यात्रा वर्णन में इसी विद्रोह का उल्लेख किया है। इससे पता चलता है कि उनकी दृष्टि कितनी व्यापक थी और वे दुनिया की सारी हलचलों पर नज़र रखते थे। यह दृष्टि जितनी व्यापक थी,