आधार और शिक्षा तथा ज्ञान-चर्चा धन और यश अर्जित करने का साधन मात्र थे। वे अतीत और भविष्य की सरदर्दी मोल न लेकर निश्चित भाव से क्षण में जीते थे।
नरेन्द्र के पिता विश्वनाथ इस तीसरी श्रेणी के व्यक्ति थे। धार्मिक कट्टरता का उनमें लेशमात्र न था। अंगे्रजी साहित्य और इतिहास आदि के अध्ययन के अलावा उन्होंने फारसी सीखी थी। हाफिज़ की कविताएं उन्हें विशेष रूप से पसन्द थी। ऊंचे खानदानों के कई मुसलमान मुवक्किल थे। और फिर लखनऊ, इलाहाबाद,
आधार और शिक्षा तथा ज्ञान-चर्चा धन और यश अर्जित करने का साधन मात्र थे। वे अतीत और भविष्य की सरदर्दी मोल न लेकर निश्चित भाव से क्षण में जीते थे।
नरेन्द्र के पिता विश्वनाथ इस तीसरी श्रेणी के व्यक्ति थे। धार्मिक कट्टरता का उनमें लेशमात्र न था। अंगे्रजी साहित्य और इतिहास आदि के अध्ययन के अलावा उन्होंने फारसी सीखी थी। हाफिज़ की कविताएं उन्हें विशेष रूप से पसन्द थी। ऊंचे खानदानों के कई मुसलमान मुवक्किल थे। और फिर लखनऊ, इलाहाबाद,