दिल्ली, लाहौर इत्यादि शहरों की यात्रा के कारण वे अनेक शरीफ मुसलमान परिवारों के घनिष्ठ सम्पर्क में आ चुके थे। यों वे मुसलमानों के रीति-रिवाजों से भली-भांति परिचित थे और उनका सम्मान करते थे। बाइबिल पढ़कर उन्होंने ईसाई धर्म के बारे में अच्छी जानकारी प्राप्त कर ली थी। लेकिन इस जानकारी का तात्पर्य सिर्फ इतना ही था कि वह उन्हें एक व्यवहारकुशल तथा सफल वकील बनाने में उपयोगी सिद्व हुई। उन्होंने जिस आदर्श का आजीवन पालन किया, वह
दिल्ली, लाहौर इत्यादि शहरों की यात्रा के कारण वे अनेक शरीफ मुसलमान परिवारों के घनिष्ठ सम्पर्क में आ चुके थे। यों वे मुसलमानों के रीति-रिवाजों से भली-भांति परिचित थे और उनका सम्मान करते थे। बाइबिल पढ़कर उन्होंने ईसाई धर्म के बारे में अच्छी जानकारी प्राप्त कर ली थी। लेकिन इस जानकारी का तात्पर्य सिर्फ इतना ही था कि वह उन्हें एक व्यवहारकुशल तथा सफल वकील बनाने में उपयोगी सिद्व हुई। उन्होंने जिस आदर्श का आजीवन पालन किया, वह