योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

पर चिंतन कितना सही था, ब्रिटिश साम्राज्यवाद पिटा, सिकुड़कर कोने में जा लगा। चीनी सचमुच एक विश्व शक्ति बनकर उभर आए हैं। विवेकानन्द की मृत्यु के सत्तर बरस बाद हम जिस युग में जी रहे हैं वह साम्राज्यवाद के सम्पूर्ण विनाश का युग है और आज क्राांति इतिहास की मुख्यधारा है। विश्वव्यापी वर्तमान महा अव्यवस्था तथा उथल-पुथल से दुनिया निश्चित रूप से अच्छी होकर निकलेगी।


धर्म-महासभा

‘‘बाधा जितनी होगी, उतना ही अच्छा है, बाधा बिना पाए


426 of 1197

पर चिंतन कितना सही था, ब्रिटिश साम्राज्यवाद पिटा, सिकुड़कर कोने में जा लगा। चीनी सचमुच एक विश्व शक्ति बनकर उभर आए हैं। विवेकानन्द की मृत्यु के सत्तर बरस बाद हम जिस युग में जी रहे हैं वह साम्राज्यवाद के सम्पूर्ण विनाश का युग है और आज क्राांति इतिहास की मुख्यधारा है। विश्वव्यापी वर्तमान महा अव्यवस्था तथा उथल-पुथल से दुनिया निश्चित रूप से अच्छी होकर निकलेगी।


धर्म-महासभा

‘‘बाधा जितनी होगी, उतना ही अच्छा है, बाधा बिना पाए


426 of 1197