योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

क्या कभी नदी का वेग बढ़ता है? जो वस्तु जितनी नई होगी, जितनी अच्छी होगी, वह वस्तु पहले-पहल उतनी ही बाधा पायेगी। बाधा ही तो सिद्वि का पूर्ण लक्षण है। जहां बाधा नहीं, वहां सिद्वि नहीं।’’

-विवेकानन्द

स्वामी विवेकानन्द मद्रास से अमेरिका गए थे। जाने से पहले उन्हांेने वहां की साहित्य-समिति-ट्रिप्लिकेन के सदस्यों के सााि अनेक विषयों पर चर्चा की थी। ये सदस्य उनके विचारों से बहुत प्रभावित हुए थे और अन्त में इन सज्जनों के विशेष


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क्या कभी नदी का वेग बढ़ता है? जो वस्तु जितनी नई होगी, जितनी अच्छी होगी, वह वस्तु पहले-पहल उतनी ही बाधा पायेगी। बाधा ही तो सिद्वि का पूर्ण लक्षण है। जहां बाधा नहीं, वहां सिद्वि नहीं।’’

-विवेकानन्द

स्वामी विवेकानन्द मद्रास से अमेरिका गए थे। जाने से पहले उन्हांेने वहां की साहित्य-समिति-ट्रिप्लिकेन के सदस्यों के सााि अनेक विषयों पर चर्चा की थी। ये सदस्य उनके विचारों से बहुत प्रभावित हुए थे और अन्त में इन सज्जनों के विशेष


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