योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

आग्रह और प्रयत्न ही से वे शिकागो धर्म-सभा में हिन्दू धर्म के प्रतिनिधि के रूप में भेजे गए थे। चार साल बाद जब वे स्वदेश लौटे तो इसी साहित्य-समिति में उन्होंने एक भाषण दिया था, जो विवेकानन्द साहित्य पंचम खंड में ‘हमारा प्रस्तुतकार्य’ शीर्षक संकलित है। इसमें वे कहते हैं:

‘‘बौद्व धर्म के उदय के पहले ही चीन, फारस और पूर्वी द्वीप समूहों में वेदान्त का प्रवेश हो चुका था। फिर जब युनान की प्रबल शक्ति ने पूर्वी भूखंडों को एक ही सूत्र में बांधा था,


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आग्रह और प्रयत्न ही से वे शिकागो धर्म-सभा में हिन्दू धर्म के प्रतिनिधि के रूप में भेजे गए थे। चार साल बाद जब वे स्वदेश लौटे तो इसी साहित्य-समिति में उन्होंने एक भाषण दिया था, जो विवेकानन्द साहित्य पंचम खंड में ‘हमारा प्रस्तुतकार्य’ शीर्षक संकलित है। इसमें वे कहते हैं:

‘‘बौद्व धर्म के उदय के पहले ही चीन, फारस और पूर्वी द्वीप समूहों में वेदान्त का प्रवेश हो चुका था। फिर जब युनान की प्रबल शक्ति ने पूर्वी भूखंडों को एक ही सूत्र में बांधा था,


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