इस विराट समुदाय के समक्ष भाषण देना होगा। उसका उद्घाटन बड़े समारोह से संगीत और भाषणों द्वारा हुआ। तदुपरान्त आए हुए प्रतिनिधियों का एक-एक करके परिचय दिया गया
93 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द
और वे सामने आ-आकर अपना भाषण देने लगे। निस्संदेह मेरा हृदय धड़क रहा था और जुबान प्रायः सूख गई थी। मैं इतना घबराया हुआ था कि सवेरे बोलने की हिम्मत न हुई। मजूमदार की वक्तृता सुन्दर रही। चक्रवर्ती की तो उससे भी सुन्दर। दोनों के भाषणों के
इस विराट समुदाय के समक्ष भाषण देना होगा। उसका उद्घाटन बड़े समारोह से संगीत और भाषणों द्वारा हुआ। तदुपरान्त आए हुए प्रतिनिधियों का एक-एक करके परिचय दिया गया
93 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द
और वे सामने आ-आकर अपना भाषण देने लगे। निस्संदेह मेरा हृदय धड़क रहा था और जुबान प्रायः सूख गई थी। मैं इतना घबराया हुआ था कि सवेरे बोलने की हिम्मत न हुई। मजूमदार की वक्तृता सुन्दर रही। चक्रवर्ती की तो उससे भी सुन्दर। दोनों के भाषणों के