‘अगर मैं तुम्हारी देवमूर्ति को एक डंडा लगाऊं, तो वह मेरा क्या कर सकती है?’ एक श्रोता ने चट चुभता-सा जवाब दे डाला, ‘अगर मैं तुम्हारे ईश्वर को गाली दे दूं, तो वह मेरा क्या कर सकता है?’ पादरी बोला, ‘मरने के बाद वह तुम्हें सज़ा देगा।’ हिन्दू भी तनकर बोल उठा, ‘तुम मरोगे, तब ठीक उसी तरह हमारी देव मूर्ति भी तुम्हें दंड देगी। इसमें हिन्दू भी तनकर बोल उठा, पर विशेष ध्यान देने की ज़रूरत है। ‘‘स्वामी जी भी दोनों बांहें विशेष ढंग से
‘अगर मैं तुम्हारी देवमूर्ति को एक डंडा लगाऊं, तो वह मेरा क्या कर सकती है?’ एक श्रोता ने चट चुभता-सा जवाब दे डाला, ‘अगर मैं तुम्हारे ईश्वर को गाली दे दूं, तो वह मेरा क्या कर सकता है?’ पादरी बोला, ‘मरने के बाद वह तुम्हें सज़ा देगा।’ हिन्दू भी तनकर बोल उठा, ‘तुम मरोगे, तब ठीक उसी तरह हमारी देव मूर्ति भी तुम्हें दंड देगी। इसमें हिन्दू भी तनकर बोल उठा, पर विशेष ध्यान देने की ज़रूरत है। ‘‘स्वामी जी भी दोनों बांहें विशेष ढंग से