तो सहस्त्रों और लाखों हिन्दू क्षुधा से पीड़ित होकर मर गए पर आप ईसाइयों ने उनके लिए कुछ नहीं किया। आप लोग सारे हिन्दुस्तान में गिरजे बनाते हैं, पर पूर्व का महान अभाव धर्म नहीं है, उसके पास धर्म पर्याप्त है-जलते हुए हिन्दुस्तान के लाखों दुखार्त भूखे लोग भूखे गले से रोटी के लिए चिल्ला रहे हैं। वे हमसे रोटी मांगते हैं और हम उन्हें देते हैं पत्थर क्षुधातुरों को धर्म का उपदेश देना उनका अपमान करना है, भूखों को दर्शन सिखाना उनका
तो सहस्त्रों और लाखों हिन्दू क्षुधा से पीड़ित होकर मर गए पर आप ईसाइयों ने उनके लिए कुछ नहीं किया। आप लोग सारे हिन्दुस्तान में गिरजे बनाते हैं, पर पूर्व का महान अभाव धर्म नहीं है, उसके पास धर्म पर्याप्त है-जलते हुए हिन्दुस्तान के लाखों दुखार्त भूखे लोग भूखे गले से रोटी के लिए चिल्ला रहे हैं। वे हमसे रोटी मांगते हैं और हम उन्हें देते हैं पत्थर क्षुधातुरों को धर्म का उपदेश देना उनका अपमान करना है, भूखों को दर्शन सिखाना उनका