योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

इसलिए उसके आगे विकसित होने अथवा बदलने का सवाल ही पैदा नहीं होता था।

हेगल ने चूंकि सामती, पू्रश्यिन सरकार को विकास की चरम सीमा कहा था, इसलिए जर्मन वामपंथियों ने उन्हें सरकारी चिंतक बताया और उनके समूचे दर्शन

को रद्द कर दिया। लेकिन माक्र्स ने इस भूल को सुधारा माक्र्स ने कहा कि छिलके के साथ गूदा मत फेंको। हेगल का दर्शन सिर के बल खड़ा है, उसे टांगों के बल खड़ा करने की जरूरत है। मतलब यह कि समाज विचार का प्रतिबिम्ब नहीं, बल्कि


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इसलिए उसके आगे विकसित होने अथवा बदलने का सवाल ही पैदा नहीं होता था।

हेगल ने चूंकि सामती, पू्रश्यिन सरकार को विकास की चरम सीमा कहा था, इसलिए जर्मन वामपंथियों ने उन्हें सरकारी चिंतक बताया और उनके समूचे दर्शन

को रद्द कर दिया। लेकिन माक्र्स ने इस भूल को सुधारा माक्र्स ने कहा कि छिलके के साथ गूदा मत फेंको। हेगल का दर्शन सिर के बल खड़ा है, उसे टांगों के बल खड़ा करने की जरूरत है। मतलब यह कि समाज विचार का प्रतिबिम्ब नहीं, बल्कि


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