योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

चंचल होंठ, मनोहर अंगभंगी-धर्म-महासभा के प्रतिनिधियों के लिए निर्दिष्ट कमरे में स्वामी विवेकानन्द मेरी आंखों में प्रथम इसी रूप में प्रतिमान हुए थे। वे संन्यासी के नाम से विख्यात हैं, परन्तु यह समर्थनीय नहीं है, क्यांेकि प्रथम दृष्टि में वे संन्यासी के बजाए योद्धा ही समझे जाते थे और वास्तव में वे एक योद्धा संन्यासी थे भी। यह भारत गौरव राष्ट्र के मुख को उज्जवल करने वाले सबसे पुराने धर्म के प्रतिनिधि, दूसरे उपस्थित प्रतिनिधियों


505 of 1197

चंचल होंठ, मनोहर अंगभंगी-धर्म-महासभा के प्रतिनिधियों के लिए निर्दिष्ट कमरे में स्वामी विवेकानन्द मेरी आंखों में प्रथम इसी रूप में प्रतिमान हुए थे। वे संन्यासी के नाम से विख्यात हैं, परन्तु यह समर्थनीय नहीं है, क्यांेकि प्रथम दृष्टि में वे संन्यासी के बजाए योद्धा ही समझे जाते थे और वास्तव में वे एक योद्धा संन्यासी थे भी। यह भारत गौरव राष्ट्र के मुख को उज्जवल करने वाले सबसे पुराने धर्म के प्रतिनिधि, दूसरे उपस्थित प्रतिनिधियों


505 of 1197