योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

को कुचल डालने वाले संघर्ष को भली-भांति समझते थे और यही कारण है कि उन्होंने थियोसाॅफिस्टांे तथा उन सरीखे रंगे सियारों की झूठी प्रशंसा को घृणा से ठुकराया और भारतीय राष्ट्र के प्रति समूची मानवता के प्रति किए गए उनके गुनाहों को जीते जी कभी माफ नहीं किया। उन्होंने इस शाश्वत सत्य को पहचान लिया था कि इन विरोधी तत्वों को मिटा देने ही से अपने अस्तित्व की रक्षा सम्भव है।

यही कारण था कि विरोध के इस प्रबल तूफान में वे चट्टान की


509 of 1197

को कुचल डालने वाले संघर्ष को भली-भांति समझते थे और यही कारण है कि उन्होंने थियोसाॅफिस्टांे तथा उन सरीखे रंगे सियारों की झूठी प्रशंसा को घृणा से ठुकराया और भारतीय राष्ट्र के प्रति समूची मानवता के प्रति किए गए उनके गुनाहों को जीते जी कभी माफ नहीं किया। उन्होंने इस शाश्वत सत्य को पहचान लिया था कि इन विरोधी तत्वों को मिटा देने ही से अपने अस्तित्व की रक्षा सम्भव है।

यही कारण था कि विरोध के इस प्रबल तूफान में वे चट्टान की


509 of 1197