उसके साहित्य और कला में हास-परिहास तथा कौतुक ही को प्रधानता प्राप्त है और तो और इस समय हमारे सम्मुख दो खंडों में जो बहृत् अमेरिकी इतिहास रखा है, उसमें कार्टून नहीं मिलेंगे और न किसी अन्य राष्ट्र ने उन्हें कभी इतना महत्व दिया है। सारांश यह है कि नई दुनिया इंग्लैंड, जर्मनी, स्पेन इत्यादि यूरोपियन देशों की सभ्य तथा अद्र्व-सभ्य जातियों का सम्मिश्रण थी। और अमेरिकी निवासियों के जीवन में मानव जाति के शैशव काल की निरीह कल्पना का नितान्त अभाव था। वेदों,
उसके साहित्य और कला में हास-परिहास तथा कौतुक ही को प्रधानता प्राप्त है और तो और इस समय हमारे सम्मुख दो खंडों में जो बहृत् अमेरिकी इतिहास रखा है, उसमें कार्टून नहीं मिलेंगे और न किसी अन्य राष्ट्र ने उन्हें कभी इतना महत्व दिया है। सारांश यह है कि नई दुनिया इंग्लैंड, जर्मनी, स्पेन इत्यादि यूरोपियन देशों की सभ्य तथा अद्र्व-सभ्य जातियों का सम्मिश्रण थी। और अमेरिकी निवासियों के जीवन में मानव जाति के शैशव काल की निरीह कल्पना का नितान्त अभाव था। वेदों,