कक्षा से 150 पौंड का चंदा मिला। यदि मांगा जाता तो तत्काल ही 500 पौंड प्रदान करने में किंचित् मात्र भी नहीं हिचकते।... यहां पर इस कार्य का संचालन करने के लिए हमें अनेक व्यक्ति प्राप्त होंगे एवं वे लोग त्याग की भावना
110 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द
से भी कुछ-कुछ परिचित हैं-अंग्रेज़ों के चरित्र की गहराई का पता यहीं मिलता है।’’ (वही, पृष्ठ 355)
स्वदेश लौटते समय जो चार शिष्य-सेवियर, दम्पति, गुडविन और भगिनी निवेदिता, जो इनके साथ आए,
कक्षा से 150 पौंड का चंदा मिला। यदि मांगा जाता तो तत्काल ही 500 पौंड प्रदान करने में किंचित् मात्र भी नहीं हिचकते।... यहां पर इस कार्य का संचालन करने के लिए हमें अनेक व्यक्ति प्राप्त होंगे एवं वे लोग त्याग की भावना
110 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द
से भी कुछ-कुछ परिचित हैं-अंग्रेज़ों के चरित्र की गहराई का पता यहीं मिलता है।’’ (वही, पृष्ठ 355)
स्वदेश लौटते समय जो चार शिष्य-सेवियर, दम्पति, गुडविन और भगिनी निवेदिता, जो इनके साथ आए,