वे भी इंग्लैंड ही से मिले। सेवियर दम्पति धनी व्यक्ति थे। अल्मोड़ा में मायावती आश्रम उन्हीं के प्रयन्त से स्थापित हुआ। गुडविन आशुलिपि-निपुण थे। उन्होंने निःशुल्क अपनी सेवाएं अर्पित की। विवेकानन्द के बहुत से भाषण उन्हीें के द्वारा लिपिबद्व होकर हमारी अमूल्य निधि बन सके।
भगिनी निवेदिता (मिस मारग्रेट नोबल) का नाम तो विवेकानन्द के साथ ऐसे जुड़ गया है जैसे गुरू नानक के साथा बाला और मर्दाना का। वह दृढ़ चरित्र की विदुषी महिला
वे भी इंग्लैंड ही से मिले। सेवियर दम्पति धनी व्यक्ति थे। अल्मोड़ा में मायावती आश्रम उन्हीं के प्रयन्त से स्थापित हुआ। गुडविन आशुलिपि-निपुण थे। उन्होंने निःशुल्क अपनी सेवाएं अर्पित की। विवेकानन्द के बहुत से भाषण उन्हीें के द्वारा लिपिबद्व होकर हमारी अमूल्य निधि बन सके।
भगिनी निवेदिता (मिस मारग्रेट नोबल) का नाम तो विवेकानन्द के साथ ऐसे जुड़ गया है जैसे गुरू नानक के साथा बाला और मर्दाना का। वह दृढ़ चरित्र की विदुषी महिला