जीवन-उद्देश्य है। अतएव राष्ट्रीय चेतना के प्रवक्ता विवेकानन्द हम बड़े गर्व से कहते हुए सुनते है:
‘‘मैंने पाश्चात्य देशों में भ्रमण किया है और मैं भिन्न-भिन्न देशों में बहुत-सी जातियों से मिला-जुला हूं और मुझे यह लगा है कि प्रत्येक राष्ट्र और प्रत्येक जाति का एक-न-एक विशिष्ट आदर्श अवश्य होता है-राष्ट्र के समस्त जीवन में संचार करने वाला एक महत्वपूर्ण आदर्श, कह सकते हैं कि वह आदर्श जीवन की रीढ़ होती है। परन्त भारत का मेरूदंड राजनीति नहीं है,
जीवन-उद्देश्य है। अतएव राष्ट्रीय चेतना के प्रवक्ता विवेकानन्द हम बड़े गर्व से कहते हुए सुनते है:
‘‘मैंने पाश्चात्य देशों में भ्रमण किया है और मैं भिन्न-भिन्न देशों में बहुत-सी जातियों से मिला-जुला हूं और मुझे यह लगा है कि प्रत्येक राष्ट्र और प्रत्येक जाति का एक-न-एक विशिष्ट आदर्श अवश्य होता है-राष्ट्र के समस्त जीवन में संचार करने वाला एक महत्वपूर्ण आदर्श, कह सकते हैं कि वह आदर्श जीवन की रीढ़ होती है। परन्त भारत का मेरूदंड राजनीति नहीं है,