योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

में रखने योग्य है-जिस प्रकार अन्य देशों के अच्छे और बड़े आदमी भी ‘स्वयं इस बात का गर्व करते हैं कि उनके पूर्वज किसी एक बड़े डाकुओं के गिरोह के सरदार थे, जो समय-समय पर अपनी पहाड़ी गुफाओं से निकलकर बटोहियों पर छापा मारा करते थे, इधर हम हिन्दू लोग इस बात पर गर्व करते हैं कि हम उन ऋषियों तथा महात्माओं के वंशज हैं, जो वन के फल-फूल के आहार पर पहाड़ों की कंदराओं में रहते थे तथा ब्रह्मचिंतन में मग्न रहते थे। भले ही आज हम अधःपतित


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में रखने योग्य है-जिस प्रकार अन्य देशों के अच्छे और बड़े आदमी भी ‘स्वयं इस बात का गर्व करते हैं कि उनके पूर्वज किसी एक बड़े डाकुओं के गिरोह के सरदार थे, जो समय-समय पर अपनी पहाड़ी गुफाओं से निकलकर बटोहियों पर छापा मारा करते थे, इधर हम हिन्दू लोग इस बात पर गर्व करते हैं कि हम उन ऋषियों तथा महात्माओं के वंशज हैं, जो वन के फल-फूल के आहार पर पहाड़ों की कंदराओं में रहते थे तथा ब्रह्मचिंतन में मग्न रहते थे। भले ही आज हम अधःपतित


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