मैं विशेषकर तुम्हीं को इन्हें याद रखने को कहता हूं। हमें बाहर जाना ही पड़ेगा, अपनी आध्यात्मिकता तथा दार्शनिकता से हमें जगत् को जीतना होगा, दूसरा कोई उपाय ही नहीं है, अवश्यमेव इसे करो, या मरो। राष्ट्रीय जीवन, सतेज और प्रबुद्व राष्ट्रीय जीवन के लिए बस यही एक शर्त है कि भारतीय विचार विश्व पर विजय प्राप्त करें।
कालिदास ने अपनी कवि कल्पना से मेघ को यक्ष का दूत बनाया और दक्षिण से उत्तर जाने का मार्ग बताते हुए उस भारत की महानता,
मैं विशेषकर तुम्हीं को इन्हें याद रखने को कहता हूं। हमें बाहर जाना ही पड़ेगा, अपनी आध्यात्मिकता तथा दार्शनिकता से हमें जगत् को जीतना होगा, दूसरा कोई उपाय ही नहीं है, अवश्यमेव इसे करो, या मरो। राष्ट्रीय जीवन, सतेज और प्रबुद्व राष्ट्रीय जीवन के लिए बस यही एक शर्त है कि भारतीय विचार विश्व पर विजय प्राप्त करें।
कालिदास ने अपनी कवि कल्पना से मेघ को यक्ष का दूत बनाया और दक्षिण से उत्तर जाने का मार्ग बताते हुए उस भारत की महानता,