फेलाए गए कुसंस्कारों को भी नहीं बख्शा। यही उनके स्वस्थ चिंतन का प्रमाण है और इसी से उनकी वाणी में बल पैदा हुआ। सुनिए, वे अपने देशवासियों से सम्बोधित हैं, उन्हें सतर्क और सावधान कर रहे है:
‘‘हमारी दृष्टि में भारत के लिए कई आपदाएं खड़ी हैं। उनमें से दो स्काइला और चेरी वाइड्र्रिस से, घोर भौतिकवाद और उसकी प्रतिक्रिया से पैदा हुए घोर कुसंस्कार से अवश्य बचना चाहिए। आज हमें एक तरफ वह मनुष्य दिखाई पड़ता है, जो पाश्चात्य ज्ञान
फेलाए गए कुसंस्कारों को भी नहीं बख्शा। यही उनके स्वस्थ चिंतन का प्रमाण है और इसी से उनकी वाणी में बल पैदा हुआ। सुनिए, वे अपने देशवासियों से सम्बोधित हैं, उन्हें सतर्क और सावधान कर रहे है:
‘‘हमारी दृष्टि में भारत के लिए कई आपदाएं खड़ी हैं। उनमें से दो स्काइला और चेरी वाइड्र्रिस से, घोर भौतिकवाद और उसकी प्रतिक्रिया से पैदा हुए घोर कुसंस्कार से अवश्य बचना चाहिए। आज हमें एक तरफ वह मनुष्य दिखाई पड़ता है, जो पाश्चात्य ज्ञान