योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

बालक घोड़े के पैरों तले रौंदा ही जानेवाला था कि नरेन्द्र ने उसे बाल-बाल बचा लिया।

बालक को सुरक्षित देखकर लोग बड़े खुश हुए और सभी ने नरेन्द्र के साहस

20 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द

की दाद दी।

नरेन्द्र के अपूर्व साहस की एक घटना और है।

कलकत्ता के दक्षिण मटिया बुर्ज में लखनऊ के भूतपूर्व नवाब वाजिद़ अली शाह की पशुशाला थी। नरेन्द्र की उम्र कोई सात-आठ बरस होगी कि वह अपने हमजोलियों के साथ एक दिन यह पशुशाला देखने गया। लड़कों


65 of 1197

बालक घोड़े के पैरों तले रौंदा ही जानेवाला था कि नरेन्द्र ने उसे बाल-बाल बचा लिया।

बालक को सुरक्षित देखकर लोग बड़े खुश हुए और सभी ने नरेन्द्र के साहस

20 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द

की दाद दी।

नरेन्द्र के अपूर्व साहस की एक घटना और है।

कलकत्ता के दक्षिण मटिया बुर्ज में लखनऊ के भूतपूर्व नवाब वाजिद़ अली शाह की पशुशाला थी। नरेन्द्र की उम्र कोई सात-आठ बरस होगी कि वह अपने हमजोलियों के साथ एक दिन यह पशुशाला देखने गया। लड़कों


65 of 1197