योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

ने आपस में चन्दा करके चांदपाल घाट से एक छोटी-सी नाव किराये पर ले ली। लौटते समय एक बच्चे ने नाव में उलटी कर दी। मुसलमान मल्लाह बहुत भिन्नाया और कहा, ‘‘नाव साफ किए बिना किसी को उतरने नहीं दूंगा।’’ किसी दूसरे आदमी से साफ करा लेने के लिए लड़कों ने पैसे देना चाहे। पर वह नहीं माना और घाट के दूसरे मल्लाहों को इकट्ठा करके उन्हें मारने पर उतारू हो गया। झगड़ा बढ़ते देखा तो नरेन्द्र नाव से उतर गया। वह चूंकि सबसे छोटा था इस लिए मल्लाहों ने उसे नहीं रोका।


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ने आपस में चन्दा करके चांदपाल घाट से एक छोटी-सी नाव किराये पर ले ली। लौटते समय एक बच्चे ने नाव में उलटी कर दी। मुसलमान मल्लाह बहुत भिन्नाया और कहा, ‘‘नाव साफ किए बिना किसी को उतरने नहीं दूंगा।’’ किसी दूसरे आदमी से साफ करा लेने के लिए लड़कों ने पैसे देना चाहे। पर वह नहीं माना और घाट के दूसरे मल्लाहों को इकट्ठा करके उन्हें मारने पर उतारू हो गया। झगड़ा बढ़ते देखा तो नरेन्द्र नाव से उतर गया। वह चूंकि सबसे छोटा था इस लिए मल्लाहों ने उसे नहीं रोका।


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