किनारे पर पहुंचकर नरेन्द्र अपने साथियों की रक्षा का उपाय सोचने लगा। उसने देखा कि दो गोरे सिपाही मैदान के रास्ते से टहलने जा रहे हैं। वह दौड़कर उनके पास आया और नमस्ते करके एक का हाथ पकड़ लिया। अंगे्रजी तो जानता न था, नरेन्द्र ने उन्हें इशारों से अपनी बात समझायी और घाट की तरफ चलने के लिए खींचने लगा। एक छोटे-से सुन्दर बालक के इस आग्रह से सिपाही बहुत खुश हुए। वे तुरन्त नाव के पास आए और सारी बात समझ गए उन्होंने हाथ का बंेत
किनारे पर पहुंचकर नरेन्द्र अपने साथियों की रक्षा का उपाय सोचने लगा। उसने देखा कि दो गोरे सिपाही मैदान के रास्ते से टहलने जा रहे हैं। वह दौड़कर उनके पास आया और नमस्ते करके एक का हाथ पकड़ लिया। अंगे्रजी तो जानता न था, नरेन्द्र ने उन्हें इशारों से अपनी बात समझायी और घाट की तरफ चलने के लिए खींचने लगा। एक छोटे-से सुन्दर बालक के इस आग्रह से सिपाही बहुत खुश हुए। वे तुरन्त नाव के पास आए और सारी बात समझ गए उन्होंने हाथ का बंेत