योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

‘‘आप किसी विजय पर फूले नहीं समाते? आपने अपने ही सगे-संबंधियों की हत्या करके घोर पाप किया है।’’ स्वागत को आए हुए पंडितों ने युधिष्ठिर को दिलासा दिया, ‘‘महाराज, आप इस पागल की बातों पर न जाइए। आपने धर्म-युद्व लड़ा है। आप धर्मपुत्र है।’’ और चार्वाक को वहीं पथराव करके मार डाला।

चार्वाक साहित्य नष्ट कर दिया गया। लिखा है:

‘‘चार्वाक के अनुयायियों का भारत में एक अत्यन्त प्राचीन सम्प्रदाय था। उसके अनुयायी घोर जड़वादी थे। इस समय


679 of 1197

‘‘आप किसी विजय पर फूले नहीं समाते? आपने अपने ही सगे-संबंधियों की हत्या करके घोर पाप किया है।’’ स्वागत को आए हुए पंडितों ने युधिष्ठिर को दिलासा दिया, ‘‘महाराज, आप इस पागल की बातों पर न जाइए। आपने धर्म-युद्व लड़ा है। आप धर्मपुत्र है।’’ और चार्वाक को वहीं पथराव करके मार डाला।

चार्वाक साहित्य नष्ट कर दिया गया। लिखा है:

‘‘चार्वाक के अनुयायियों का भारत में एक अत्यन्त प्राचीन सम्प्रदाय था। उसके अनुयायी घोर जड़वादी थे। इस समय


679 of 1197