मिल गया। इसलिए उसका मंडन किया और उससे अपने चिंतन का सूत्र जोड़ा और इस महान विचारक की असाधारण ख्याति से लाभ उठाया। विवेकानन्द ‘सांख्य दर्शन का अध्ययन’ भाषण में कहते हैं:
‘‘कपिल का सांख्य दर्शन ही विश्व का प्रथम ऐसा दर्शन है, जिसने युक्ति पद्वति से जगत् के संबंध में विचार किया है, विश्व के प्रत्येक तत्ववादी को उसके प्रति श्रद्वांजलि अर्पित करनी चाहिए। मैं तुम्हारे मन में यह भाव उत्पन्न करना चाहता हूं कि दर्शन शास्त्र के
मिल गया। इसलिए उसका मंडन किया और उससे अपने चिंतन का सूत्र जोड़ा और इस महान विचारक की असाधारण ख्याति से लाभ उठाया। विवेकानन्द ‘सांख्य दर्शन का अध्ययन’ भाषण में कहते हैं:
‘‘कपिल का सांख्य दर्शन ही विश्व का प्रथम ऐसा दर्शन है, जिसने युक्ति पद्वति से जगत् के संबंध में विचार किया है, विश्व के प्रत्येक तत्ववादी को उसके प्रति श्रद्वांजलि अर्पित करनी चाहिए। मैं तुम्हारे मन में यह भाव उत्पन्न करना चाहता हूं कि दर्शन शास्त्र के