पितामह के रूप में उनकी बातें सुनने के लिए हम बाध्य हैं। इस अद्भुत व्यक्ति, इस अत्यन्त प्राचीन दार्शनिक का श्रुति मंे भी उल्लेख है-‘हे भगवान, आपने सृष्टि के प्रारम्भ में कपिल मुनि को उत्पन्न किया’ उनके प्रत्यक्ष ज्ञान कितने आश्चर्यजनक थे, और यदि योगियों की प्रत्यक्ष-बोध-संबंधी असाधारण शक्ति का कोई प्रमाण चाहिए, तो ये सूत्र ही उसके प्रमाण हैं। उनके पास कोई अणुवीक्षण अथवा दूरवीक्षण यंत्र नहीं था। तथापि उनका प्रत्यक्ष बोध कितना उत्कृष्ट था,
पितामह के रूप में उनकी बातें सुनने के लिए हम बाध्य हैं। इस अद्भुत व्यक्ति, इस अत्यन्त प्राचीन दार्शनिक का श्रुति मंे भी उल्लेख है-‘हे भगवान, आपने सृष्टि के प्रारम्भ में कपिल मुनि को उत्पन्न किया’ उनके प्रत्यक्ष ज्ञान कितने आश्चर्यजनक थे, और यदि योगियों की प्रत्यक्ष-बोध-संबंधी असाधारण शक्ति का कोई प्रमाण चाहिए, तो ये सूत्र ही उसके प्रमाण हैं। उनके पास कोई अणुवीक्षण अथवा दूरवीक्षण यंत्र नहीं था। तथापि उनका प्रत्यक्ष बोध कितना उत्कृष्ट था,