दुनिया को शुद्व और पवित्र बनाने के लिए शुभ विचारों का प्रचार-प्रसार ही उचित उपाय है।
लेकिन हर देश के पूंजीवाद ने अपने राजनीतिक संघर्ष में धर्म के विरूद्व विज्ञान को अपना शस्त्र बनाया है। पूंजीवादी क्रान्ति 1897 में सर्वप्रथम फ्रांस में सम्पन्न हुई। वहां के विश्वकोशियों ने जिनके नेता दीदारो थे, इसी के लिए भूमि तैयार की थी। फ्रांस के ये विश्वकोशिये भौतिकवादी थे। इसके बाद सौ बरस तक भौतिकवाद पाश्चात्य बुद्विजीवियों की मुख्य
दुनिया को शुद्व और पवित्र बनाने के लिए शुभ विचारों का प्रचार-प्रसार ही उचित उपाय है।
लेकिन हर देश के पूंजीवाद ने अपने राजनीतिक संघर्ष में धर्म के विरूद्व विज्ञान को अपना शस्त्र बनाया है। पूंजीवादी क्रान्ति 1897 में सर्वप्रथम फ्रांस में सम्पन्न हुई। वहां के विश्वकोशियों ने जिनके नेता दीदारो थे, इसी के लिए भूमि तैयार की थी। फ्रांस के ये विश्वकोशिये भौतिकवादी थे। इसके बाद सौ बरस तक भौतिकवाद पाश्चात्य बुद्विजीवियों की मुख्य