तो यम बालक के इस प्रश्न से भयभीत हो जाता है, जब बहुत समझाने और प्रलोभन देने के बाद भी नचिकेता का आग्रह बना रहता है तो यम खिन्न मन से उत्तर देता है, ‘‘जिस आत्मा के संबंध में, जिस परलोक तत्व के संबंध में तुमने प्रश्न किया है, वह वित्त मोह से मूढ़ बालकों के हृदय में उदित नहीं हो सकता।... मन को वृथा
151 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द
तर्क से चंचल करना उचित नहीं। कारण, परमार्थ तत्व तर्क का विषय नहीं है, वह तो प्रत्यक्ष अनुभूति
तो यम बालक के इस प्रश्न से भयभीत हो जाता है, जब बहुत समझाने और प्रलोभन देने के बाद भी नचिकेता का आग्रह बना रहता है तो यम खिन्न मन से उत्तर देता है, ‘‘जिस आत्मा के संबंध में, जिस परलोक तत्व के संबंध में तुमने प्रश्न किया है, वह वित्त मोह से मूढ़ बालकों के हृदय में उदित नहीं हो सकता।... मन को वृथा
151 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द
तर्क से चंचल करना उचित नहीं। कारण, परमार्थ तत्व तर्क का विषय नहीं है, वह तो प्रत्यक्ष अनुभूति