योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

है? यह विवेकानन्द भी नहीं बाते। अपने एक दूसरे भाषण ‘तर्क और धर्म’ में वे धर्म का विज्ञान से सामंजस्य स्थापित करने के प्रयास में कहते हैं, ‘‘हम पूर्णतया एक हैं, हम भौतिक रूप से एक हैं, मानसिक दृष्टि से एक हैं, और स्पष्टतः आत्मिक दृष्टि से तो एक हैं ही- बशर्ते कि हमारी आस्था हो।’’

(वही, पृष्ठ 283)

ते आस्था-अंधविश्वास के आगे तर्क का घुटने टेक देना ही ‘महान सत्य’ हुआ? इसका मतलब यह हुआ कि और धर्मों के अंधविश्वास और रहस्यवाद को मानो या न माने,


752 of 1197

है? यह विवेकानन्द भी नहीं बाते। अपने एक दूसरे भाषण ‘तर्क और धर्म’ में वे धर्म का विज्ञान से सामंजस्य स्थापित करने के प्रयास में कहते हैं, ‘‘हम पूर्णतया एक हैं, हम भौतिक रूप से एक हैं, मानसिक दृष्टि से एक हैं, और स्पष्टतः आत्मिक दृष्टि से तो एक हैं ही- बशर्ते कि हमारी आस्था हो।’’

(वही, पृष्ठ 283)

ते आस्था-अंधविश्वास के आगे तर्क का घुटने टेक देना ही ‘महान सत्य’ हुआ? इसका मतलब यह हुआ कि और धर्मों के अंधविश्वास और रहस्यवाद को मानो या न माने,


752 of 1197