मुख्य वस्तु क्या है जिसे हमें रखना और आगे विकसित करना है। तभी हम अपनी राष्ट्रीय समस्याओं का यथार्थ रूप में समझ पाएंगे, तभी भविष्य का कार्य और विकास की दिशा निर्धारित होगी।
विवेकानन्द का महत्व उनके धर्म-प्रचार में नहीं बल्कि उनका महत्व इस बात में है कि वे हमारी इस राष्ट्रीय विरासत को समझने-अपनाने में और समस्याओं के समाधान में हमारी मदद करते हैं। हम पर उनका एहसास यह है कि उन्होंने आज से पौन सदी पहले छिलके को अलग करके
मुख्य वस्तु क्या है जिसे हमें रखना और आगे विकसित करना है। तभी हम अपनी राष्ट्रीय समस्याओं का यथार्थ रूप में समझ पाएंगे, तभी भविष्य का कार्य और विकास की दिशा निर्धारित होगी।
विवेकानन्द का महत्व उनके धर्म-प्रचार में नहीं बल्कि उनका महत्व इस बात में है कि वे हमारी इस राष्ट्रीय विरासत को समझने-अपनाने में और समस्याओं के समाधान में हमारी मदद करते हैं। हम पर उनका एहसास यह है कि उन्होंने आज से पौन सदी पहले छिलके को अलग करके