जाने पर सूक्ष्म शरीर भी बिखर जाता है। यही कारण है कि उन्होंने पिरामिडों का निर्माण किया और अपने पुरखों के मृत शरीर को आलेपवेष्टित (उनउउपपिबंजपवद) किया और यह आशा की कि मरे हुए लोग इस क्रिया से अमरत्व प्राप्त करेंगे।’’ (अष्टम खंड, पृष्ठ 106)
मुसलमान और ईसाई अपने मृत शरीर को दफनाते हैं, क्योंकि उनका विश्वास है कि वे कयामत के दिन उठंेगे और तब अपने अच्छे-बुरे कर्मों के हिसाब से स्वर्ग तथा नरक में जाएंगे। स्वर्ग-नरक का विचार हिन्दुओं में भी पाया जाता है,
जाने पर सूक्ष्म शरीर भी बिखर जाता है। यही कारण है कि उन्होंने पिरामिडों का निर्माण किया और अपने पुरखों के मृत शरीर को आलेपवेष्टित (उनउउपपिबंजपवद) किया और यह आशा की कि मरे हुए लोग इस क्रिया से अमरत्व प्राप्त करेंगे।’’ (अष्टम खंड, पृष्ठ 106)
मुसलमान और ईसाई अपने मृत शरीर को दफनाते हैं, क्योंकि उनका विश्वास है कि वे कयामत के दिन उठंेगे और तब अपने अच्छे-बुरे कर्मों के हिसाब से स्वर्ग तथा नरक में जाएंगे। स्वर्ग-नरक का विचार हिन्दुओं में भी पाया जाता है,