हूं कि आधुनिक शिक्षा की डींग हांकने के बावजुद हमारे देश के लोग इन पददलित निर्धन लोगों के उन्नयन के दायित्व से तुरंत पीछे हट जाते हैं। यही नहीं, मैं यह भी देखता हूं कि यहां के धनी-मानी और नवशिक्षित लोग पाश्चात्य देशों के आनुवंशिक संक्रमणवाद (भ्मतमकपजंतल ज्तंदेपजपवद) आदि अंड-बंड कमज़ोर मतों को लेकर ऐसी दानवीय और निर्दयतापूर्ण युक्तियां पेश करते हैं कि ये पददलित लोग किसी तरह उन्नति न कर सकें और उन पर उत्पीड़न एवं अत्याचार करने का काफी सुभीता मिले।’ (पंचम खंड,
हूं कि आधुनिक शिक्षा की डींग हांकने के बावजुद हमारे देश के लोग इन पददलित निर्धन लोगों के उन्नयन के दायित्व से तुरंत पीछे हट जाते हैं। यही नहीं, मैं यह भी देखता हूं कि यहां के धनी-मानी और नवशिक्षित लोग पाश्चात्य देशों के आनुवंशिक संक्रमणवाद (भ्मतमकपजंतल ज्तंदेपजपवद) आदि अंड-बंड कमज़ोर मतों को लेकर ऐसी दानवीय और निर्दयतापूर्ण युक्तियां पेश करते हैं कि ये पददलित लोग किसी तरह उन्नति न कर सकें और उन पर उत्पीड़न एवं अत्याचार करने का काफी सुभीता मिले।’ (पंचम खंड,