रह सकता। उन्होंने सर्वदा ही लोगों को कुछ नियमों का पालन करने के लिए आदेश दिया, और उन्होंने जान-बुझकर उनका कारण न बतलाया था। यह पद्वति नितांत दोषपूर्ण थी, और इससे उद्देश्य की पूर्ति तो हुई नहीं, केवल लोगों के सिर पर निरर्थक बातों का बोझ-सा लद गया। लोगों से उद्देश्य को छिपा रखने का उनका कारण यह था कि यदी उन्हें (लोगों को) उसका अर्थ समझा भी दिया जाता, तो भी वह समझ नहीं सकते, क्योंकि वे उसके अधिकारी नहीं थे।... अधिकारवाद
रह सकता। उन्होंने सर्वदा ही लोगों को कुछ नियमों का पालन करने के लिए आदेश दिया, और उन्होंने जान-बुझकर उनका कारण न बतलाया था। यह पद्वति नितांत दोषपूर्ण थी, और इससे उद्देश्य की पूर्ति तो हुई नहीं, केवल लोगों के सिर पर निरर्थक बातों का बोझ-सा लद गया। लोगों से उद्देश्य को छिपा रखने का उनका कारण यह था कि यदी उन्हें (लोगों को) उसका अर्थ समझा भी दिया जाता, तो भी वह समझ नहीं सकते, क्योंकि वे उसके अधिकारी नहीं थे।... अधिकारवाद