योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

ही को लीजिए। कहते हैं कि उसने आजीवन कभी झूठ नहीं बोला। इसलिए वह न सिर्फ स्वयं सशरीर स्वर्ग में गया बल्कि अपने भाइयों और कुत्ो तक को साथ ले गया। लेकिन जब कुरूक्षेत्र मंे पाण्डवों पर संकट आया था और झूठ बोले बिना द्रोणाचार्य की हत्या सम्भव नहीं थी तब श्रीकृष्ण ने षड्यंत्र रचा और धर्मपुत्र युधिष्ठिर से कहलवाया था:

अवश्त्ािामाहते, नरो व कुंजरो व...

अर्थात् ‘‘अश्वथामा मारा गया’’ जब युधिष्इिर ने इतना कहा तो शेष भाग ‘‘मैं


815 of 1197

ही को लीजिए। कहते हैं कि उसने आजीवन कभी झूठ नहीं बोला। इसलिए वह न सिर्फ स्वयं सशरीर स्वर्ग में गया बल्कि अपने भाइयों और कुत्ो तक को साथ ले गया। लेकिन जब कुरूक्षेत्र मंे पाण्डवों पर संकट आया था और झूठ बोले बिना द्रोणाचार्य की हत्या सम्भव नहीं थी तब श्रीकृष्ण ने षड्यंत्र रचा और धर्मपुत्र युधिष्ठिर से कहलवाया था:

अवश्त्ािामाहते, नरो व कुंजरो व...

अर्थात् ‘‘अश्वथामा मारा गया’’ जब युधिष्इिर ने इतना कहा तो शेष भाग ‘‘मैं


815 of 1197